नयी दिल्ली , सितंबर 12 -- ब्रिक्स देशों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में उभरते बाजारों के लिए ज्यादा प्रतिनिधित्व की मांग की है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शनिवार को जारी नयी दिल्ली घोषणापत्र में कहा गया है कि वैश्विक उत्पादन और आर्थिक वृद्धि में उभरते बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ती हिस्सेदारी को देखते हुए वैश्विक वित्तीय संस्थानों में इन देशों को ज्यादा प्रतिनिधित्व संगठन की मांग बनी हुई है।
घोषणापत्र में कहा गया है, "हम ब्रेटन वुड्स सिस्टम के तहत स्थापित संस्थानों में सुधार की तत्काल आवश्यकता को दोहराते हैं, ताकि उन्हें अधिक चुस्त, प्रभावी, विश्वसनीय, समावेशी, उद्देश्य के अनुरूप, निष्पक्ष, जवाबदेह और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाया जा सके।" इसमें इन संस्तानों की शासन संरचना में सुधार की मांग की गई है "ताकि उनकी स्थापना के बाद से वैश्विक अर्थव्यवस्था में हुए बदलावों को प्रतिबिंबित किया जा सके।"उल्लेखनीय है कि ब्रेटन वुड्स सिस्टम के तहत ही आईएमएफ और विश्व बैंक का गठन किया गया था।
ब्रिक्स ने कहा है कि उभरते बाजारों एवं विकासशील देशों की आवाज और उनका प्रतिनिधित्व वैश्विक अर्थव्यवस्था में उनकी सापेक्ष स्थिति के अनुरूप होना चाहिए। उसने योग्यता-आधारित, समावेशी और पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाने की मांग की जिससे आईएमएफ और विश्व बैंक के नेतृत्व में इन देशों की क्षेत्रीय विविधता और प्रतिनिधित्व में इजाफा होगा।
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