नयी दिल्ली , अक्टूबर 12 -- ब्रिक्स के नौ सदस्य और भागीदार देशों का तीन दिवसीय थिएटर महोत्सव सोमवार को यहां राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में शुरू हुआ।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने महोत्सव के उद्घाटन करते हुए कहा कि ऐसे समय में, जब देशों को परस्पर विरोधी हितों के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है, आपसी समझ और रचनात्मक संवाद के अवसर अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संस्कृति राजनीतिक सीमाओं से परे समाजों के बीच संबंध स्थापित करती है। इस मौके पर संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल, विदेश मंत्रालय के सचिव (आर्थिक संबंध) एवं भारत के ब्रिक्स शेरपा सुधाकर दलेला तथा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी भी इस मौके पर उपस्थित रहे।

'साझा कहानियां, साझा भविष्य' थीम पर आधारित यह तीन दिवसीय महोत्सव 14 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें भारत, थाईलैंड, इंडोनेशिया, रूस, ईरान, वियतनाम, दक्षिण अफ्रीका, कजाकिस्तान और इथियोपिया के कलाकार भाग ले रहे हैं।

महोत्सव के पहले दिन आसिफ अली लिखित नाटक 'समुद्र मंथन' का मंचन किया गया। इस नाटक का डिजाइन, निर्देशन और संगीत राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने संभाला।

महोत्सव के दौरान नाट्य प्रस्तुतियों के साथ-साथ विभिन्न देशों के निर्देशकों, कलाकारों और रंगमंच से जुड़े विशेषज्ञों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलेगा। प्रस्तुतियों के अगले दिन आयोजित होने वाली कार्यशालाओं और चर्चा सत्रों में अभिनय की पद्धतियों, मंच सज्जा और अलग-अलग देशों की नाट्य परंपराओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से कलाकारों के बीच संवाद और भविष्य में संयुक्त सांस्कृतिक परियोजनाओं की संभावनाओं को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

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