लखनऊ/आगरा , जुलाई 25 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को आगरा में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें मथुरा-वृंदावन के समग्र विकास, यातायात व्यवस्था, तीर्थ सुविधाओं और आधारभूत ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने वृंदावन में प्रस्तावित रोप-वे परियोजना का प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग पर सड़क-रेल संयुक्त परियोजना को आगे बढ़ाने तथा पार्किंग सुविधाओं के विस्तार के लिए लैण्ड पूलिंग योजना का प्रस्ताव भी शासन को भेजने को कहा। उन्होंने इस क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया।
बैठक में आगरा मंडलायुक्त ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने मथुरा और वृंदावन में चल रहे स्वच्छता अभियान की सराहना करते हुए दोनों नगरों को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जन-जागरूकता के साथ प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
मंडलायुक्त ने मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए पुलिस बल बढ़ाने, नया वृंदावन पुलिस सर्किल स्थापित करने तथा अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) और अपर पुलिस अधीक्षक (प्रोटोकॉल) के नए पद सृजित करने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों को तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में मथुरा-वृंदावन नगर निगम तथा जनपद के अन्य नगर निकायों में फ्लोटिंग पॉपुलेशन के आधार पर अतिरिक्त मानव संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई तथा इसे शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री के समक्ष मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में कई महायोजना मार्गों के निर्माण का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया, जिसे उन्होंने शीघ्र शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से प्रमुख चौराहों के सुधार, फ्लाईओवर निर्माण तथा सड़क सुदृढ़ीकरण की कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया।
बैठक में वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तहत स्वीकृत 165 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें 115 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 28 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'तीर्थ-मित्र नीति' संबंधी शासनादेश शीघ्र जारी करने तथा 50 छोटी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।
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