होशियारपुर , अप्रैल 06 -- भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने ब्यास नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए एक 'अर्ली वार्निंग सिस्टम' स्थापित किया है। इस प्रणाली का उद्देश्य पोंग बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करना है। बीबीएमबी के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी ने सोमवार को ऑनलाइन माध्यम से इस प्रणाली का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि पहले आपात स्थिति में लोगों को जागरूक करने के लिए टीमों को गांवों का दौरा करना पड़ता था और सार्वजनिक घोषणा प्रणालियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे अक्सर देरी हो जाती थी। अब इस तकनीक की मदद से अलर्ट तुरंत प्रसारित होगा, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम हो जाएगा। इस पहल के तहत 52 गेट बैराज से लेकर मीरथल तक लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में छह अर्ली वार्निंग सिस्टम इकाइयां लगायी गयी हैं। इन इकाइयों को आबादी वाले क्षेत्रों के पास रणनीतिक रूप से स्थापित किया गया है ताकि चेतावनी तेजी से फैल सके।
इस सिस्टम के तहत कवर किए गए प्रमुख स्थानों में पेखन और संसारपुर टेरेस, शाह बैराज का दायां हिस्सा,रियाली (फतेहपुर), बेला सरियाना (मुकेरियां), परोल (इंदौर) और अरनी यूनिवर्सिटी के पास के इलाके शामिल है।
ब्यास बांध के मुख्य अभियंता राकेश गुप्ता ने कहा कि यह सिस्टम नदी के उन हिस्सों को कवर करता है, जहां खतरा सबसे अधिक रहता है। उद्घाटन के अवसर पर उप मुख्य अभियंता विमल कुमार मीणा, अधीक्षक अभियंता मनवीन चौधरी और अधिशासी अभियंता विनय कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।
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