प्रयागराज , मार्च 26 -- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के मूल्यांकन के दौरान सामूहिक नकल का एक गंभीर मामला सामने आया है। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि अलीगढ़ जिले के नौरंगीलाल इंटरमीडिएट कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर प्रयागराज के करछना स्थित पं. अनंतराम पाण्डेय इंटरमीडिएट कॉलेज (लेहारी, बसही) की इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान और इतिहास विषय की कॉपियों की जांच के दौरान गड़बड़ी पकड़ी गई।

मूल्यांकन में पाया गया कि अभ्यर्थियों की मुख्य 'ए-कॉपी' में लिखे उत्तरों को काटकर उनकी जगह अलग से तैयार की गई 'बी-कॉपी' संलग्न कर दी गई थी, जिसमें सभी उत्तर सही लिखे गए थे। प्रारंभिक जांच में यह मामला सामूहिक नकल से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।

इसकी सूचना मिलते ही यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने मामले को गंभीर कदाचार मानते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने प्रयागराज के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) पी.एन. सिंह तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संदिग्ध कॉपियों की मैपिंग कर सघन स्क्रीनिंग कराई जाए। साथ ही संबंधित परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज और कक्ष निरीक्षकों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

गड़बड़ी उजागर करने वाली टीम की सराहना करते हुए बोर्ड सचिव ने उप नियंत्रक रवीन्द्र पाल सिंह, उप मुख्य परीक्षक संदीप रूहेला तथा परीक्षक देवेश गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार, क्षेत्रपाल सिंह और अखिलेश कुमार को सम्मानित करने का निर्णय लिया है।

श्री सिंह ने स्पष्ट कहा कि नकल माफिया के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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