नवांशहर , अक्टूबर 09 -- पंजाब में शहीद भगत सिंह नगर के जिला मजिस्ट्रेट गुलप्रीत सिंह औलख ने शुक्रवार को जिले में बोरवेल और कुओं की खुदाई तथा मरम्मत के संबंध में सुरक्षा निर्देश जारी करते हुए उन्हें किसी भी हालत में खुला न छोड़ने के आदेश दिए हैं। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश पांच दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे।

जारी आदेशों के अनुसार, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बोरवेल या ट्यूबवेल की खुदाई अथवा मरम्मत से कम से कम 15 दिन पहले भूमि मालिकों को जिला प्रशासन, संबंधित सरपंच, ग्राम पंचायत, नगर परिषद, जन स्वास्थ्य विभाग और भूमि संरक्षण विभाग को सूचित करना होगा।

जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि बोरवेल की खुदाई और मरम्मत करने वाली सभी सरकारी, अर्धसरकारी और निजी एजेंसियों का पंजीकरण अनिवार्य है। कार्यस्थल पर ड्रिलिंग एजेंसी और भूमि मालिक के पूरे पते वाला सूचना बोर्ड लगाना होगा। इस पर एजेंसी का पंजीकरण नंबर भी दर्ज होना चाहिए।

आदेशों के मुताबिक, बोरवेल के आसपास कंटीले तारों की घेराबंदी और उसे नट-बोल्ट से कसकर बंद किए गए स्टील प्लेट के ढक्कन से ढकना जरूरी होगा। ढक्कन को केसिंग पाइप के साथ भी नट-बोल्ट से मजबूती से जोड़ना होगा। इसके अलावा, बोरवेल के चारों ओर निर्धारित आकार का सीमेंट या कंक्रीट का प्लेटफॉर्म बनाना अनिवार्य है।

खुदाई या मरम्मत का काम पूरा होने के बाद आसपास की खाली जगह को मिट्टी से भरकर जमीन का स्तर पहले जैसा करना होगा। अनुपयोगी बोरवेल और कुओं को भी नीचे से ऊपर तक चिकनी मिट्टी, पत्थर या कंक्रीट जैसी सामग्री से पूरी तरह भरकर बंद करना होगा। जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की लिखित अनुमति और निगरानी के बिना खुदाई या मरम्मत नहीं कराई जा सकेगी।

जिला मजिस्ट्रेट ने संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में बोरवेल और कुओं की स्थिति की मासिक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। इसमें नए बोरवेल की खुदाई, मरम्मत, चालू बोरवेल और बंद किए गए बोरवेल की संख्या का विवरण शामिल होगा। रिपोर्ट की एक प्रति कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी और दूसरी प्रति हर महीने अतिरिक्त उपायुक्त (विकास), शहीद भगत सिंह नगर को भेजी जाएगी।

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