चंडीगढ़ , अप्रैल 29 -- पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य में गैंगस्टरों के खिलाफ जंग अब केवल मुठभेड़ों और गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे राज्य की सीमाओं तक रणनीतिक रूप से पहुंचाया जा रहा है, जहां एक शांत लेकिन बेहद अहम लड़ाई जारी है।
पंजाब पुलिस ने 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान के तहत 'दूसरी सुरक्षा पंक्ति' को तेजी से मजबूत करना शुरू किया है। यह तकनीक आधारित सुरक्षा तंत्र संगठित अपराध गिरोहों की उन आपूर्ति लाइनों को तोड़ने के लिए तैयार किया गया है, जिनके तार सीमा पार से जुड़े हैं, जहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी कर रही है, वहीं पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि यदि कोई तस्करी सामग्री सीमा पार करभी जाये तो वह आगे न बढ़ सके।
इस रणनीति के तहत बॉर्डर बेल्ट के 585 स्थानों पर 2291 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं, जिससे संवेदनशील गांवों और ट्रांजिट मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा सीमावर्ती जिलों के 41 पुलिस थानों को भी सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा गया है। जमीनी स्तर पर नाकों को और अधिक प्रभावी तथा अप्रत्याशित बनाया गया है। अब वाहन जांच केवल औपचारिकता नहीं बल्कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर की जा रही है। जिन जिलों में हथियारों और नशे की खेप ड्रोन से गिराने की घटनाएं सामने आयी हैं, वहां एंटी-ड्रोन निगरानी भी बढ़ाई गयी है।
अमृतसर देहाती के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुहैल कासिम मीर ने कहा कि दूसरी सुरक्षा पंक्ति वह स्थान है, जहां अपराध श्रृंखला को प्रभावी ढंग से तोड़ा जाता है। सीमा सुरक्षा पहली परत है, लेकिन यदि कोई सेंध लगती है तो उसे हमारे अधिकार क्षेत्र में तुरंत रोका जाता है। अब नाके केवल सामान्य जांच चौकियां नहीं, बल्कि पुख्ता सूचनाओं के आधार पर संचालित सुरक्षा बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि गांव स्तर की रक्षा समितियों और स्थानीय नेटवर्क को भी सुरक्षा ढांचे से जोड़ा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके। साथ ही बुनियादी ढांचे, निगरानी प्रणाली, गतिशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है।श्री यादव ने कहा कि दूसरी सुरक्षा पंक्ति को मजबूत करना राज्य की एंटी-गैंगस्टर रणनीति का केंद्र है। हमारा लक्ष्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है, सीमा पार सप्लाई से लेकर अंतिम डिलीवरी तक।
विशेषज्ञों के अनुसार पंजाब पुलिस की रणनीति अब अपराध होने के बाद कार्रवाई से आगे बढ़कर उन व्यवस्थाओं को खत्म करने पर केंद्रित हो गयी है, जो अपराध को संभव बनाती हैं। हर ड्रोन खेप की बरामदगी, हर संदिग्ध वाहन की पहचान और हर गतिविधि की सीसीटीवी निगरानी सीधे उन नेटवर्कों को कमजोर कर रही है, जिनके सहारे कई गैंगस्टर विदेशों से संचालन करते हैं।
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