हरिद्वार , अप्रैल 10 -- उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में बैशाखी स्नान पर्व एवं सद्भावना सम्मेलन के मद्देनज़र व्यापक यातायात प्लान लागू कर दिया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 13, 14 और 15 अप्रैल 2026 के लिए विशेष रूट डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था तय की है।
यातायात दबाव बढ़ने की स्थिति में भारी वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले ही बॉर्डर पर रोका जाएगा। वहीं नगलाइमरती से आने वाले वाहनों को डायवर्ट कर बैरागी कैंप पार्किंग और होर्डिंग एरिया में रोका जाएगा, जहां से चरणबद्ध तरीके से उन्हें शहर की ओर भेजा जाएगा।
प्रशासन के अनुसार चीला मार्ग का उपयोग केवल ऋषिकेश की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एक्जिट रूट के रूप में किया जाएगा। इसके अलावा सामान्य यातायात को गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक की ओर डायवर्ट किया जाएगा, जिससे शहर के भीतर वाहनों का दबाव नियंत्रित रहे।
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग रूट निर्धारित किया गया है। इन वाहनों को नारसन, मंगलौर, कोर कॉलेज होते हुए हरिद्वार लाया जाएगा तथा अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमकादड़ टापू में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। अधिक दबाव होने पर वैकल्पिक मार्ग लक्सर और जगजीतपुर से होकर बैरागी कैंप पार्किंग तक भेजा जाएगा।
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों के लिए नेपाली फार्म और रायवाला होते हुए हरिद्वार प्रवेश का मार्ग तय किया गया है, जबकि बड़े वाहनों को गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।
इसके अलावा ऑटो और विक्रम वाहनों के लिए भी विशेष डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। ट्रैफिक अधिक होने पर इन्हें जयराम मोड़ से आगे नहीं जाने दिया जाएगा और यहीं से सवारी उतारकर वापस लौटना होगा।
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