बैतूल , अक्टूबर 16 -- मध्यप्रदेश के बैतूल में नवरात्रि के अवसर पर सेवा भारती परिवार ने रामकृष्ण बगिया में 501 कन्याओं का पूजन कर नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम में कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनका पूजन किया गया।

आयोजन में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री एवं बैतूल सांसद दुर्गादास उइके तथा सेवा भारती के राष्ट्रीय सचिव रमेन्द्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शहर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। अतिथियों ने कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें भोजन कराया और उपहार भेंट किए।

सेवा भारती के राष्ट्रीय सचिव रमेन्द्र सिंह ने कहा कि संगठन सेवा, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से समाज के सर्वांगीण उत्थान के लिए कार्य करता है। उन्होंने नारी जागरण, महिला स्वावलंबन और वंचित वर्गों के विकास को महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं से सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई "परहित सरिस धरम नहि भाई, पर पीड़ा सम नहि अधमाई" का उल्लेख करते हुए परोपकार को सबसे बड़ा धर्म बताया।

कांतु प्रजापति ने नौ देवियों के स्वरूपों और नवरात्रि में कन्या पूजन की धार्मिक परंपरा की जानकारी दी। पंडित ने भी सनातन संस्कृति में कन्याओं को देवी स्वरूप मानने की मान्यता पर प्रकाश डाला। इस दौरान परिसर में मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों के बीच धार्मिक आयोजन हुआ।

कार्यक्रम में सेवा भारती के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ आनंदधाम तथा मातृछाया संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। आयोजन का संचालन संस्था की पदाधिकारी पूनम खंडेलवाल ने किया।

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