बैतूल , जुलाई 07 -- मध्यप्रदेश सरकार के अवैध कॉलोनियों के वैधीकरण अभियान को बैतूल जिले में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है। कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद जिले की 10 नगरीय निकायों में चिन्हित 304 अवैध कॉलोनियों में से अब तक एक भी कॉलोनी का वैधीकरण नहीं हो सका है।
प्रशासन की चार जुलाई तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश नगरीय निकायों में कार्रवाई नोटिस जारी करने और साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन भेजने तक सीमित है। जिले में सबसे अधिक 98 अवैध कॉलोनियां नगरपालिका मुलताई में, 93 नगरपालिका बैतूल में और 47 नगरपालिका आमला में चिन्हित की गई हैं। इसके अलावा नगर परिषद चिचोली में 29, आठनेर में 10, सारनी में सात, शाहपुर में छह तथा बैतूल बाजार, भैंसदेही और घोड़ाडोंगरी में क्रमशः पांच, पांच और चार अवैध कॉलोनियां चिन्हित हैं।
रिपोर्ट के अनुसार नगरपालिका बैतूल में 60 कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए गए हैं तथा 155 रहवासियों से संपर्क किया गया है। यहां विकास शुल्क 1160.91 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है, लेकिन अब तक किसी भी कॉलोनी का वैधीकरण नहीं हुआ है और न ही किसी खाली भूखंड को राजसात किया गया है।
नगरपालिका मुलताई में सर्वाधिक अवैध कॉलोनियां होने के बावजूद प्रगति रिपोर्ट के कई बिंदुओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। आमला में केवल दो रहवासियों से संपर्क किया गया, जबकि चिचोली में 18 रहवासियों से संपर्क कर पांच कॉलोनाइजरों को नोटिस दिए गए हैं। सारनी में 83 रहवासियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। अन्य नगरीय निकायों में भी कार्रवाई मुख्य रूप से विकास शुल्क जमा कराने के लिए नोटिस जारी करने तक सीमित है।
कलेक्टर ने 22 जून को सभी नगरीय निकायों को प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक अवैध कॉलोनी के वैधीकरण की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत विकास शुल्क जमा कराने, रहवासियों से संपर्क करने, आवश्यकता पड़ने पर खाली भूखंड राजसात करने तथा सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद कॉलोनी को वैध घोषित करने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि निर्देश जारी होने के दो सप्ताह से अधिक समय बाद भी जिले की किसी भी नगरीय निकाय में एक भी अवैध कॉलोनी का वैधीकरण नहीं हो सका है। ताजा प्रगति रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि अभियान अभी कागजी कार्रवाई से आगे नहीं बढ़ पाया है।
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