बैतूल , अगस्त 11 -- मध्यप्रदेश के जनजातीय बहुल बैतूल जिले में सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने 'शिक्षा संजीवनी' कार्यक्रम तैयार किया है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की पहल पर तैयार इस नवाचार को कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) और जनभागीदारी के सहयोग से लागू किया जाएगा। इसका लक्ष्य जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का ऐसा मॉडल विकसित करना है, जिसे अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सके।

कार्यक्रम के तहत विद्यालयों की अधोसंरचना सुधारने के साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक, डिजिटल, खेल और व्यक्तित्व विकास पर भी काम किया जाएगा। मेधावी विद्यार्थियों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। चयनित विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी के लिए विशेष कोचिंग और स्मार्ट क्लास की सुविधा देने की योजना है। राष्ट्रीय मींस-कम-मेरिट, ओलंपियाड सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी विशेष तैयारी कराई जाएगी।

'शिक्षा संजीवनी' के तहत स्कूलों में सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। बालक-बालिकाओं के लिए पृथक एवं स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त बिजली, सौर ऊर्जा, जर्जर भवनों का सुधार और अतिरिक्त कक्ष जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 'डोनेट डेस्क-बेंच' अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत व्यक्ति, संस्था, उद्योग और पूर्व विद्यार्थी स्कूलों के लिए डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकेंगे। सहयोग करने वाले दानदाताओं के नाम विद्यालय के 'गौरव पटल' पर अंकित किए जाएंगे। इससे 'मेरा स्कूल-मेरी जिम्मेदारी' की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

डिजिटल शिक्षा के तहत ई-लर्निंग, आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर, टैबलेट, किंडल और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। विद्यार्थियों को शैक्षणिक एप और ई-कंटेंट उपलब्ध कराने की भी योजना है।

कार्यक्रम में खेल प्रतिभाओं को तलाशने और निखारने के लिए टैलेंट सर्च किया जाएगा। कबड्डी, खो-खो और एथलेटिक्स जैसे खेलों के लिए बेहतर मैदान और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा।

इसके अलावा उपचारात्मक शिक्षा, करियर काउंसिलिंग, शिक्षक प्रशिक्षण, विज्ञान प्रदर्शनियां, खेल प्रतियोगिताएं, पर्यावरण संरक्षण, नैतिक शिक्षा और व्यक्तित्व विकास को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।

प्रशासन के अनुसार 'शिक्षा संजीवनी' में सरकारी संसाधनों के साथ सीएसआर संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, समाज और आम नागरिकों की भागीदारी को आधार बनाया गया है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान, मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख, आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे और घोड़ाडोंगरी विधायक गंगाबाई उईके ने इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया है।

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