बैतूल , अगस्त 02 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के शाहपुर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका एकता यूनियन (सीटू) की शाहपुर परियोजना का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें वर्ष 2018 से लंबित भुगतान और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई गई। सम्मेलन में कार्यकर्ताओं से 10 अगस्त को प्रस्तावित आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया।

शाहपुर के विजय भवन में आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन यूनियन की राज्य महासचिव किशोरी वर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन की एकजुटता सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से संगठन को मजबूत बनाने तथा आगामी आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।

सम्मेलन में सीटू के जिला अध्यक्ष कुंदन राजपाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार स्वयं को महिलाओं की हितैषी बताती है, लेकिन प्रदेश की करीब 1.96 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं का वर्ष 2018 से लंबित मेहनताना अब तक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि भुगतान की मांग को लेकर यूनियन को उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी थी। न्यायालय ने सरकार को छह प्रतिशत ब्याज सहित लंबित राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए, लेकिन सरकार ने भुगतान करने के बजाय न्यायालय में रिट दायर कर अपनी असमर्थता जाहिर की।

सम्मेलन में यूनियन की जिला उपाध्यक्ष आशा सूरजे और जिला महासचिव पुष्पा वाईकर भी मौजूद रहीं। वक्ताओं ने कहा कि लंबित मांगों के समाधान और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक एकता बनाए रखने और आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। सम्मेलन में विभिन्न प्रस्ताव पारित कर आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई।

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