बैतूल , जुलाई 31 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश लगभग पूरा हो चुका है, जबकि स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में एक हजार से अधिक सीटें अब भी रिक्त हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) राउंड की अवधि 31 जुलाई तक बढ़ाई थी और शुक्रवार प्रवेश का अंतिम दिन है। यदि विभाग अंतिम तिथि में पुनः विस्तार नहीं करता है तो शनिवार से नए प्रवेश बंद हो जाएंगे।
जिले के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय जेएच कॉलेज में यूजी प्रथम वर्ष की केवल चार सीटें शेष हैं, जबकि पीजी के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 1,073 सीटें अभी भी खाली हैं। इससे अंतिम तिथि बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि गुरुवार शाम तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं थी।
महाविद्यालय के प्रवेश अधिकारी डॉ. सुभाष खातरकर ने बताया कि यूजी प्रथम वर्ष की कुल 3,350 सीटों में से 3,346 पर प्रवेश हो चुका है। बीकॉम प्रथम वर्ष की सभी 530 सीटें भर गई हैं। बीए की 1,260 सीटों में 1,258 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है और केवल भूगोल विषय की दो सीटें रिक्त हैं। इसी प्रकार बीएससी की 1,560 सीटों में से 1,558 पर प्रवेश हुआ है तथा कंप्यूटर साइंस और फिजिक्स में एक-एक सीट खाली है।
इसके विपरीत पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई है। एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रमों में एमएससी की 450 सीटों में 228, एमए की 180 सीटों में 22 तथा एमकॉम की 50 सीटों में केवल तीन प्रवेश हुए हैं। इस श्रेणी की कुल 680 सीटों में से 253 पर प्रवेश हुआ है, जबकि 427 सीटें रिक्त हैं।
दो वर्षीय पीजी पाठ्यक्रमों की 2,220 सीटों में से 1,574 पर प्रवेश हुआ है और 546 सीटें अब भी खाली हैं। इनमें एमए की 228, एमकॉम की 175 तथा एमएससी की 183 सीटें शामिल हैं। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि आदिवासी बहुल बैतूल जिले में उच्च शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों की रुचि धीरे-धीरे कम होती दिखाई दे रही है।
इसके पीछे आर्थिक परिस्थितियां, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ता रुझान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा पढ़ाई के साथ रोजगार की मजबूरी जैसे कारण बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पीजी स्तर पर लगातार सीटें रिक्त रहती हैं तो उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभाग को नई रणनीति और प्रभावी प्रयास करने होंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित