बैतूल , अक्टूबर 31 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई विधानसभा क्षेत्र में पत्ता गोभी की बंपर पैदावार इस बार किसानों के लिए अभिशाप बन गई है। बाजार में फसल का भाव एक रुपये प्रति किलो भी नहीं मिलने के कारण किसानों को अपनी लहलहाती फसल पर रोटावेटर चलाकर उसे नष्ट करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि कटाई और ढुलाई का खर्च तक न निकल पाने के कारण मुलताई और बीरूल बाजार क्षेत्र के आधे से अधिक किसान अपनी फसल पर ट्रैक्टर चलवा चुके हैं।
क्षेत्र के किसान रमेश, कृष्ण और भूपेश सोनी ने शनिवार को अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि एक एकड़ में पत्ता गोभी की खेती तैयार करने में करीब 1.5 लाख रुपये की लागत आती है। इसमें बीज, खाद, कीटनाशक दवाइयां, सिंचाई और महंगे श्रम का खर्च शामिल है। तीन महीने की कड़ी मेहनत और भारी भरकम पूंजी निवेश के बाद जब फसल बाजार में पहुंची, तो उचित दाम मिलना तो दूर, एक रुपये प्रति किलो का भाव भी नसीब नहीं हो रहा है। ऐसे में बाजार तक फसल पहुंचाने का भाड़ा और कटाई का खर्च भी जेब से भरना पड़ रहा है।
बिरूल बाजार क्षेत्र पत्ता गोभी की खेती का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां की गोभी अपनी बेहतरीन क्वालिटी और लंबे समय तक खराब न होने की खूबी के कारण जयपुर, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, नागपुर, रायपुर, ओडशा और पटना जैसे देश के बड़े शहरों में भेजी जाती है। इसके बावजूद स्थानीय किसानों को इस बार भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित