बैतूल , जुलाई 14 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आधुनिक सुविधाओं और विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं के बावजूद अभिभावकों का रुझान लगातार निजी स्कूलों की ओर बढ़ रहा है। शिक्षा विभाग के ताजा प्रवेश आंकड़ों से संकेत मिलता है कि संख्या में कम होने के बावजूद निजी स्कूल कक्षा पहली के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आकर्षित कर रहे हैं।

शिक्षा विभाग के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा पहली में प्रवेश के लिए जिले में 20 हजार 294 बच्चों का पंजीयन हुआ। इनमें 13 हजार 467 बच्चों ने शासकीय स्कूलों तथा छह हजार 827 बच्चों ने निजी स्कूलों में प्रवेश लिया। जिले में निजी स्कूलों की संख्या शासकीय स्कूलों की तुलना में काफी कम होने के बावजूद उनमें उल्लेखनीय संख्या में प्रवेश दर्ज हुए हैं।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में कक्षा पहली में कुल 23 हजार 943 प्रवेश हुए थे, जिनमें 15 हजार 121 शासकीय तथा आठ हजार 822 निजी स्कूलों में थे। वहीं वर्ष 2024-25 में कुल 17 हजार 73 प्रवेश में से नौ हजार 133 शासकीय और सात हजार 940 निजी स्कूलों में दर्ज किए गए थे।

जिले में वर्तमान में दो हजार 298 शासकीय स्कूल संचालित हैं, जबकि निजी स्कूलों की संख्या लगभग 350 से 375 के बीच है। इसके बावजूद निजी स्कूलों में लगातार बढ़ते प्रवेश अभिभावकों की बदलती प्राथमिकता की ओर संकेत कर रहे हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासकीय स्कूलों से अभिभावकों का विश्वास कम नहीं हुआ है। उनके अनुसार इस सत्र में शुरू हुए कुछ नए स्कूलों के विद्यार्थियों की मैपिंग का कार्य अभी शेष है। इसके पूरा होने के बाद शासकीय स्कूलों के प्रवेश आंकड़ों में वृद्धि हो सकती है।

विभाग के अनुसार पिछले वर्ष प्रवेश संख्या अधिक रहने का एक कारण छह वर्ष की न्यूनतम आयु के नियम का सख्ती से पालन तथा प्रवेश प्रक्रिया को अगस्त-सितंबर तक जारी रखना भी था, जिससे पहले प्रवेश से वंचित बच्चों को भी अवसर मिल सका।

आंकड़ों के अनुसार जिले में कक्षा पहली के साथ-साथ कक्षा एक से 12 तक के कुल नामांकन में भी कमी दर्ज की गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कुल दो लाख 58 हजार 68 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या दो लाख 66 हजार 815 थी। इसके बावजूद कुल पंजीयन के मामले में बैतूल प्रदेश में 15वें स्थान पर बना हुआ है।

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