बैतूल , अप्रैल 02 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए घोड़ाडोंगरी तहसील के ग्राम डुल्हारा में तवा नदी किनारे संचालित अवैध कोयला उत्खनन पर रोक लगाई है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत गड्ढों और सुरंगनुमा संरचनाओं को बंद कर दिया गया।

खनिज विभाग को 31 मार्च को सूचना मिली थी कि डुल्हारा गांव स्थित तवा नदी क्षेत्र में अवैध कोयला खनन किया जा रहा है। सूचना के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जहां हाल ही में किए गए उत्खनन के प्रमाण मिले। क्षेत्र में ताजे गड्ढे, कोयले के अवशेष और भंडारण के संकेत पाए गए, जिससे अवैध गतिविधियों की पुष्टि हुई।

रात्रि होने के कारण उसी दिन कार्रवाई नहीं हो सकी। अगले दिन टीम ने पुनः मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की मदद से नदी के भीतर बने बड़े गड्ढे को पानी, मिट्टी, मुरूम और पत्थरों से भर दिया। साथ ही नदी किनारे बनाई गई सुरंगनुमा संरचना को भी पूरी तरह बंद कर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान किसी भी व्यक्ति को मौके पर नहीं पाया गया, लेकिन विभाग का मानना है कि अवैध खनन की गतिविधियां रात के समय संचालित की जाती हैं। यह क्षेत्र पूर्व में भी अवैध कोयला खनन के लिए कुख्यात रहा है और यहां पूर्व में भी कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा भविष्य में ऐसी गतिविधियां मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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