बैतूल , नवम्बर 02 -- मध्यप्रदेश के बैतूल स्थित कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपज की बंपर आवक के बावजूद समय पर नीलामी नहीं होने और तौल में कथित मनमानी के कारण किसानों को तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि किसानों को खुले आसमान के नीचे कड़ाके की ठंड में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मंडी पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि तौल के नाम पर हम्मालों द्वारा अवैध वसूली की मांग की जा रही है। मण्डईबुजुर्ग के किसान अमरचंद यादव ने बताया कि वह मक्का के 50 बोरे बेचने के लिए लाए थे, लेकिन तौल के एवज में हम्मालों ने 1500 रुपए की मांग की। राशि नहीं देने पर उपज तौलने से इनकार कर दिया गया।
खड़ला और अर्जुनवाड़ी के किसानों ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को मंडी पहुंचने के बावजूद उनकी उपज की नीलामी नहीं हुई। किसानों के अनुसार, व्यापारी उपज को गीला बताकर खरीदने से टाल रहे हैं, जिसके कारण उन्हें सोमवार तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस दौरान उन्हें बोरे ओढ़कर खुले में रात बितानी पड़ रही है।
किसानों का कहना है कि मंडी परिसर में उनके लिए बनाए गए शेड व्यापारियों द्वारा खरीदे गए अनाज के बोरों से भरे हुए हैं। इसके चलते किसानों को अपनी उपज खुले परिसर या मंडी के बाहर रखनी पड़ रही है। बडोरा मंडी में ट्रकों की बेतरतीब पार्किंग से भी परेशानी बढ़ गई है। ट्रक चालक वाहन रास्तों और परिसर में खड़े कर चले जाते हैं, जिससे सुबह सब्जी बेचने आने वाले किसानों और स्थानीय व्यापारियों को आवागमन में दिक्कत होती है।
किसानों ने मंडी प्रशासन पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी सचिव और एसडीएम स्तर के अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से तौल के नाम पर कथित अवैध वसूली रोकने, समय पर नीलामी कराने, किसानों के लिए बने शेड खाली कराने और ट्रकों की पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
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