बैतूल , जून 20 -- मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा है कि बैतूल को आने वाले वर्षों में उद्योग, पर्यटन और खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में व्यापक योजनाओं पर काम किया जा रहा है और दावा किया कि जिले में निवेश बढ़ाने, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और युवाओं के लिए आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने के प्रयास तेज किए गए हैं।
श्री खंडलेवाल ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पहले सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण जिले में बड़े उद्योग स्थापित नहीं हो पाए थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। उन्होंने बताया कि चार से पांच बड़े औद्योगिक समूह बैतूल में निवेश की संभावना तलाश रहे हैं। शुगर फैक्ट्री सहित अन्य उद्योगों की स्थापना के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जिले में उद्योगों के विस्तार की सबसे बड़ी चुनौती भूमि उपलब्धता है, क्योंकि बैतूल का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्र में आता है। भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया जटिल होने के बावजूद सरकार इस दिशा में समाधान तलाश रही है।
पर्यटन विकास की योजनाओं का उल्लेख करते हुए खंडेलवाल ने कहा कि बैतूल-भोपाल मार्ग पर प्रदेश का पहला वन संरक्षण गलियार विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए बजट संबंधी प्रक्रिया पर काम चल रहा है। साथ ही जिले में बर्ड सेंचुरी और बटरफ्लाई सेंचुरी विकसित करने तथा वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना भी बनाई गई है।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का एक प्रवेश द्वार सारणी क्षेत्र से शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश पर्यटन की सुविधाओं और आवासीय व्यवस्थाओं के विस्तार पर भी विचार किया जा रहा है। गढ़ा और बेला जलाशयों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ चर्चा जारी है।
उन्होंने कहा कि खेड़ला किला, शाहपुर क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों और भैंसदेही के प्राचीन शिव मंदिर के संरक्षण एवं विकास की योजना बनाई गई है। जिले में एक बड़े जनजातीय संग्रहालय की स्थापना का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
युवाओं के लिए आधुनिक खेल मैदान, फूड जोन और अन्य सुविधाएं विकसित करने की योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शहर के बाहर अंतरराज्यीय बस स्टैंड और रेलवे स्टॉपेज बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
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