बैतूल , मई 16 -- जनजातीय समुदायों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के 554 चिन्हित जनजातीय ग्रामों में 18 मई से 25 मई तक लाभार्थी संतृप्ति शिविर आयोजित किए जाएंगे।
जिला प्रशासन के अनुसार यह अभियान 'धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के अंतर्गत 'जनभागीदारी-सबसे दूर, सबसे पहले' थीम पर संचालित किया जाएगा। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय और मध्यप्रदेश शासन के निर्देश पर आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों के समन्वय से पात्र हितग्राहियों को एक ही स्थान पर अनेक शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
शिविर संबंधित ग्रामों के आदि सेवा केंद्रों में लगाए जाएंगे। इनमें आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, जनधन खाते, आयुष्मान भारत कार्ड, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना तथा वनाधिकार पट्टों सहित अन्य योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा सिकल सेल मिशन, क्षय रोग जांच, राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम और मातृत्व स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त विवेक पांडेय को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विकासखंड स्तर पर अभियान का संचालन करेंगे।
अभियान की शुरुआत 18 मई को अधिकारियों के अभिमुखीकरण कार्यक्रम के साथ होगी। 19 से 25 मई तक संतृप्ति शिविरों के साथ वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। 20 मई को अधिकारी गांवों में पैदल भ्रमण कर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे। 21 से 23 मई तक शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। 24 मई को प्रगति रिपोर्ट और दस्तावेज तैयार किए जाएंगे, जबकि 25 मई को कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक कर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।
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