बैतूल , जुलाई 14 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए पखवाड़े से अधिक समय बीत जाने के बावजूद शासकीय स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के लगभग 1.18 लाख विद्यार्थियों को अब तक नया गणवेश नहीं मिल सका है।

शासन की ओर से न तो विद्यार्थियों के बैंक खातों में गणवेश के लिए निर्धारित राशि जारी की गई है और न ही स्कूलों में गणवेश का वितरण शुरू हुआ है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार कई विद्यार्थी पुराने एवं जर्जर गणवेश में स्कूल पहुंच रहे हैं, जबकि अनेक छात्र सामान्य कपड़ों में ही अध्ययन करने को विवश हैं।

सूत्रों के अनुसार शासन इस वर्ष गणवेश वितरण व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रहा है। पहले विद्यार्थियों के बैंक खातों में सीधे 600 रुपये की राशि हस्तांतरित की जाती थी, जबकि अब दो जोड़ी गणवेश सिलवाकर उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। इसी कारण राशि जारी होने और गणवेश वितरण, दोनों में विलंब हो रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में गणवेश वितरण की व्यवस्था कई बार बदली जा चुकी है। पहले स्व-सहायता समूहों को गणवेश सिलने और वितरित करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वितरण में देरी के कारण बाद में विद्यार्थियों के खातों में सीधे राशि हस्तांतरित करने की व्यवस्था लागू की गई। इससे पहले विकासखंड स्तर पर विशेष मेलों के माध्यम से भी गणवेश खरीदे जाते थे, जिसे गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बाद बंद कर दिया गया।

इस बीच नई व्यवस्था लागू होने की प्रक्रिया के कारण विद्यार्थियों को समय पर गणवेश नहीं मिल पा रहा है, जिससे अभिभावकों में असंतोष है और शिक्षा विभाग की तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) सुधीर कुमार साकेत ने बताया कि गणवेश के लिए सभी विद्यार्थियों का भौतिक सत्यापन तथा बैंक खातों का अद्यतन कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि शासन से जैसे ही निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। गणवेश वितरण व्यवस्था में बदलाव के संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

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