बैतूल , जुलाई 25 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के ग्राम जोड़क्या निवासी डॉ. यजुवेंद्र सिंह राजपूत ने खेल विज्ञान और खेल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उनके द्वारा विकसित इंटीग्रेटेड सेंसर युक्त स्मार्ट स्क्वैश रैकेट तकनीक को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से भारतीय पेटेंट प्रदान किया गया है। इस तकनीक को 20 जुलाई 2026 को आधिकारिक स्वीकृति मिली।

डॉ. राजपूत किसान श्याम सिंह राजपूत के पुत्र हैं और वर्तमान में ग्वालियर स्थित प्रतिष्ठित लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपी) में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उनका विकसित किया गया स्मार्ट स्क्वैश रैकेट आधुनिक सेंसर तकनीक से लैस है, जो खिलाड़ियों के शॉट, रैकेट स्विंग, गेंद के प्रभाव, गति और अन्य तकनीकी पहलुओं का रियल-टाइम डेटा रिकॉर्ड करता है।

डॉ. राजपूत के अनुसार इस तकनीक से खिलाड़ियों के प्रदर्शन का वैज्ञानिक विश्लेषण संभव होगा। इससे प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों की तकनीकी कमियों की सटीक पहचान करने और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से सुधारने में सहायता मिलेगी। उनका कहना है कि इस नवाचार से खिलाड़ियों की अनावश्यक ऊर्जा की खपत कम होगी, खेल के दौरान चोट लगने की आशंका घटेगी और प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह तकनीक भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगी और खेल विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित