बैतूल , जुलाई 16 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बैतूल विकासखंड के ग्राम झगड़िया स्थित त्रिवेणी गौशाला का निरीक्षण कर निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं रखरखाव की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गौशाला के सुव्यवस्थित संचालन की सराहना करते हुए जिले के सभी विकासखंडों में इसी मॉडल पर शासकीय एवं निजी गौशालाओं के सुदृढ़ संचालन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गोवंश को तिलक लगाकर पशुआहार और गुड़ खिलाया। इसके बाद उन्होंने गौशाला परिसर का भ्रमण कर भूसा गोदाम, पशु चिकित्सालय, तालाब, कुएं तथा गो-काष्ठ उत्पादन इकाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने गौशाला के विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर गौशाला समिति के पदाधिकारियों से चर्चा भी की।
गौशाला समिति की ओर से तालाब के गहरीकरण तथा अतिरिक्त पशुशेड निर्माण की मांग पर कलेक्टर ने उप संचालक पशुपालन को आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रत्येक विकासखंड में प्रभावी एवं व्यवस्थित गौशाला संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उप संचालक पशुपालन डॉ. सुरजीत सिंह ने बताया कि गौशाला में रखे गए प्रत्येक गोवंश के लिए राज्य शासन की ओर से प्रतिदिन 40 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है, जिसका उपयोग चारा, देखभाल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गौशाला परिसर में आम का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर परिसर में कुल 160 पौधों का रोपण किया गया। उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी समय की आवश्यकता है और दोनों क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए। इस अवसर पर त्रिवेणी गौशाला समिति के पदाधिकारी नवीन तातेड, राजेश मेहता, दीपक कपूर, पंजाब राव मगरदे, मनीष ठाकुर, पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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