बैतूल , मई 13 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले स्थित घोघरी बांध का पानी अब 229 किलोमीटर दूर बुरहानपुर शहर के जल संकट को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार घोघरी बांध से ताप्ती नदी में छोड़ा जा रहा पानी प्राकृतिक ढलान के सहारे बुरहानपुर तक पहुंचेगा।

जल संसाधन विभाग के एसडीओ बी एस मर्सकोले ने बताया कि घोघरी बांध से लगभग सात एमसीएम यानी करीब 700 करोड़ लीटर पानी ताप्ती नदी में छोड़ा जा रहा है। इस प्रक्रिया से रास्ते में स्थित बैतूल के ताप्ती बैराज में भी लगभग 150 करोड़ लीटर अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा, जिससे बैतूल शहर की करीब 150 दिनों की पेयजल आवश्यकता पूरी की जा सकेगी।

उन्होंने बताया कि बैतूल जिला सतपुड़ा के पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 653 से 658 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जबकि बुरहानपुर ताप्ती नदी घाटी में लगभग 232 से 247 मीटर की ऊंचाई पर है। दोनों स्थानों के बीच ऊंचाई में लगभग 1200 फीट का अंतर होने के कारण पानी बिना किसी अतिरिक्त ऊर्जा के प्राकृतिक ढलान से बुरहानपुर तक पहुंच सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार घोघरी बांध से बुरहानपुर के बीच पड़ने वाला ताप्ती बैराज जल प्रवाह के दौरान अतिरिक्त पानी से भर जाएगा। यहां से पानी को फिल्टर प्लांट और माचना नदी के माध्यम से माचना एनीकट तक पहुंचाया जाएगा, जिससे बैतूल शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे प्रतिदिन लगभग 12.5 करोड़ लीटर पानी की बचत होने की संभावना भी जताई गई है।

घोघरी बांध की कुल जल भंडारण क्षमता लगभग 39 एमसीएम बताई गई है, जबकि वर्तमान में इसमें करीब 19 एमसीएम पानी उपलब्ध है। अधिकारियों के अनुसार 700 करोड़ लीटर पानी छोड़े जाने के बाद भी बांध में स्थानीय जरूरतों के लिए पर्याप्त जल शेष रहेगा।

जल संसाधन विभाग बैतूल डिवीजन के कार्यपालन यंत्री रोशन सिंह ने बताया कि बुरहानपुर जिले से ताप्ती नदी के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का अनुरोध प्राप्त हुआ था, जिसके बाद बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि जिले में पेयजल संकट की स्थिति को देखते हुए बैतूल के बांध से पानी उपलब्ध कराने के लिए औपचारिक मांग भेजी गई थी।

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