चेन्नई , सितंबर 02 -- मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार को तमिलनाडु पुलिस और भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक को पूर्व द्रमुक नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.के. अलगिरी की बेटी कायलविझी अलगिरी की याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया ।

सुश्री कायलविझी ने चेन्नई की अड्यार शाखा के बैंक प्रबंधक को थप्पड़ मारने के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने की मांग करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

अड्यार पुलिस ने एसबीआई प्रबंधक के साथ मारपीट की शिकायत के बाद सुश्री कायलविझी के खिलाफ आपराधिक धमकी सहित चार धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के लिए पेश होने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था और बाद में थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

न्यायमूर्ति जी.के. इलान्तिरैयन के समक्ष सुनवाई के दौरान सुश्री कायलविझी के वकील ने तर्क दिया कि यह विवाद पूरी तरह से दीवानी प्रकृति का था जिसे आपराधिक रंग दे दिया गया है।

उन्होंने दावा किया कि बैंक प्रबंधक ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था जिसे शिकायत में शामिल नहीं किया गया। इसके अलावा शिकायतकर्ता घटना का प्रत्यक्षदर्शी भी नहीं था। वकील ने अदालत को सूचित किया कि दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण समझौते की संभावना है, जिसके बाद अदालत ने पुलिस और मुख्य प्रबंधक नमशिवायम को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 16 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

गौरतलब है कि सुश्री कायलविझी उस इमारत की मालिक हैं जिसमें एसबीआई की एनआरआई शाखा स्थित है। बैंक में लिफ्ट खराब होने पर शाखा प्रबंधक हरशीन सिंह ने सुश्री कायलविझी के प्रतिनिधि से संपर्क किया, लेकिन प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने सीधे सुश्री कायलविझी को फोन किया। सीधे फोन करने से नाराज होकर सुश्री कायलविझी ने पहले फोन पर अभद्रता की और फिर बैंक शाखा पहुंचकर प्रबंधक को थप्पड़ मार दिया व धमकी दी।

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