चंडीगढ़ , मई 04 -- हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत से हुए बैंक घोटालों में निचले स्तर के कर्मचारी निशाना बन रहे हैं। उन्होंने हरियाणा सचिवालय की आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने वाले सरकारी कर्मचारी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
श्री चौटाला ने कहा कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में जमा हरियाणा सरकार के हजारों करोड़ रुपये के फंड के कथित गबन में सरकार से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों को सिर्फ निलंबित या स्थानांतरित किया गया, जबकि चार मध्यस्तरीय अधिकारियों को बर्खास्त कर गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वरिष्ठ अधिकारियों को कार्रवाई से बचाने के लिए आधिकारिक मंजूरी का हवाला दे रही है, जबकि सत्ताधारी दल से जुड़े मध्यस्थों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। सोमवार को जान गंवाने वाला कर्मचारी भी जांच के दायरे में था, लेकिन कई प्रभावशाली लोग अब भी स्वतंत्र घूम रहे हैं।
श्री चौटाला ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में सचिवालय से तीन लोग गिरकर या कूदकर जान गंवा चुके हैं। उन्होंने सरकार और लोक निर्माण विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिवालय की बालकनियों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की।
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