लखनऊ , मई 15 -- आल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में बैंक कर्मचारियों ने मुख्य शाखा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार तथा बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 25 और 26 मई को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। मंडल अध्यक्ष अजय पांडे और महामंत्री डॉ. डीके सिंह के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार और प्रबंधन गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

महामंत्री डॉ. डीके सिंह ने कहा कि 12 मई को डिप्टी सीएलसी, बैंक प्रबंधन और फेडरेशन पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज कर उन्हें हड़ताल की ओर धकेल रही है।

उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की भर्ती, एनपीएस कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प, वर्ष 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के अंतर मंडलीय स्थानांतरण की सुविधा, स्थायी कार्यों में आउटसोर्सिंग पर रोक, पर्याप्त संख्या में नई भर्ती, कैरियर प्रगति योजना की समीक्षा तथा चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना में सुधार शामिल हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 25 और 26 मई को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।

प्रदर्शन को संगठन के कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया, जिनमें अवधेश सिंह, आरपी सिंह, आशुतोष वर्मा, बृजेश कुमार तिवारी, शिव कुमार, तारकेश्वर, आकाश शर्मा, अंकुर अग्रवाल, राकेश कुमार, दीपेंद्र कुमार और सतीश शुक्ल प्रमुख रूप से शामिल रहे।

मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों ने 14 मई को सोशल मीडिया मंच एक्स (ट्विटर) पर देशव्यापी अभियान चलाकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा 16 मई को विरोध स्वरूप सभी पदाधिकारी काला वस्त्र पहनकर कार्य करेंगे।

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