फिरोजाबाद , जून 18 -- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में बैंक ऑफ इंडिया की भारोल शाखा की गोल्ड लोन तिजोरी से करोड़ों रुपये मूल्य के जेवरात गायब होने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने बैंक अधिकारियों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को हिरासत में लिया है तथा उनके कब्जे से कुछ जेवरात भी बरामद किए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिरसागंज तहसील क्षेत्र के अरांव विकासखंड स्थित बैंक ऑफ इंडिया की भारोल शाखा में तैनात क्रेडिट अधिकारी दिलीप कुमार गत 27 मई से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे थे। इसके कारण गोल्ड लोन से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे थे और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
शिकायत मिलने पर बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक आदित्य कुमार, अन्य अधिकारियों और बैंक के पैनल अधिवक्ता शिवकुमार शर्मा ने शाखा पहुंचकर वैकल्पिक चाबी की व्यवस्था से तिजोरी खुलवाई। जांच के दौरान तिजोरी से गोल्ड लोन से संबंधित 96 बैग कम पाए गए, जिससे करोड़ों रुपये मूल्य के जेवरात गायब होने की आशंका जताई गई।
मामले को गंभीर मानते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक की तहरीर पर स्थानीय थाने में तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित तीन लोगों के विरुद्ध गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया। घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में बैंक ग्राहक शाखा पहुंचने लगे और अपने गिरवी रखे जेवरातों की सुरक्षा को लेकर जानकारी लेने लगे, जिससे शाखा में चिंता और असमंजस का माहौल बन गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने बताया कि मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक संदीप यादव, क्रेडिट अधिकारी दिलीप कुमार तथा स्टाफ अधिकारी नरेश कुमार को हिरासत में लिया है।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से कुछ पीली धातु के जेवरात भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान मामले में कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस का प्रयास है कि बैंक ग्राहकों का पूरा सोना बरामद कराया जाए। हिरासत में लिए गए अधिकारियों से पूछताछ जारी है और साक्ष्यों के आधार पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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