बेलगावी , जुलाई 10 -- कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और चुनाव आयोग के खिलाफ हमला और तेज़ करते हुए शुक्रवार को कहा कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनावी फायदा पहुंचा रहा है।
श्री खरगे ने यहां आरएसएस की सालाना 'अखिल भारतीय प्रचारक बैठक' के उद्घाटन के दिन चुनाव आयोग पर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया और पारदर्शिता के मुद्दों पर आरएसएस को चुनौती दी।
सरसंघचालक मोहन भागवत समेत आरएसएस के वरिष्ठ नेता तीन दिन की बैठक के लिए बेलगावी में जुटे हैं, इस पर श्री खरगे ने कहा कि संगठन अपनी आंतरिक चर्चा करने के लिए स्वतंत्र है लेकिन उसे ज्यादा पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। राम मंदिर में चढ़ावे की हालिया कथित चोरी का जिक्र करते हुए, उन्होंने इस घटना पर आरएसएस की चुप्पी पर सवाल उठाये और कहा कि चोरी का मामला सामने आने तक चुप रहने के बजाय संगठन को अपनी भूमिका के बारे में सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए।
श्री खरगे ने मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर चुनाव आयोग पर कड़ा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कवायद भाजपा को चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि बिना सोचे-समझे मतदाताओं के नाम हटाये जा रहे हैं और आरोप लगाया कि आयोग केंद्र सरकार के दबाव में यह काम कर रहा है।
एसआईआर के दौरान मांगे गये दस्तावजों पर सवाल उठाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि नागरिकों को पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज के जरिए अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इस प्रक्रिया को मनमाना और पारदर्शिता की कमी वाला बताया।
कर्नाटक सरकार द्वारा निवास प्रमाण पत्र जारी करने पर भाजपा की आलोचना का जवाब देते हुए श्री खरगे ने कहा कि ऐसे प्रमाण पत्र सरकारी प्रक्रियाओं के जरिए जारी किये जाते हैं, न कि किसी राजनीतिक पार्टी द्वारा। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि सिर्फ अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने भाजपा और उसके सहयोगी जनता दल (सेक्यूलर) पर भी निशाना साधा और कहा कि दोनों पार्टियां नेतृत्व के मुद्दों में उलझी हुई हैं। कर्नाटक में हाल ही में हुई क्रॉस-वोटिंग की घटना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी नेतृत्व में भ्रम की वजह से भाजपा इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पायी।
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