बैतूल , मार्च 19 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में गुरुवार को हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
घोड़ाडोंगरी विकासखंड के रानीपुर क्षेत्र सहित मुलताई इलाके में अचानक बदले मौसम के कारण तेज बारिश हुई। रानीपुर, जुवाड़ी, मेहकार, हीरावाड़ी, मयावानी, रतनपुर, शोभापुर, चारगांव और कतियाकोयलारी सहित कई गांवों में करीब एक घंटे तक मूसलाधार बारिश होने से खेतों और खलिहानों में रखी फसलें भीग गईं।
मुलताई क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी सूचना है, जिससे गेहूं, चना और सरसों की खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं। कई स्थानों पर दाने झड़ने और फसल खराब होने की स्थिति बन गई है।
स्थानीय किसानों के अनुसार इस समय फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन अचानक हुई बारिश और ओलों से गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। खड़ी फसल गिरने से दाने काले पड़ने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है, जिससे बाजार में उचित मूल्य मिलने की संभावना कम हो गई है।
बारिश के दौरान खेतों और खलिहानों में काम कर रहे किसानों में अफरा-तफरी मच गई। कई किसानों ने कटी फसल को बचाने के लिए तिरपाल आदि का सहारा लिया, लेकिन तेज बारिश के कारण बड़ी मात्रा में उपज सुरक्षित नहीं हो सकी।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भीगी फसल को जल्द धूप में सुखाने, ऊंचे स्थान पर रखने और नमी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में मौसम के अस्थिर रहने की संभावना जताई है। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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