बेमेतरा , जुलाई 08 -- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला मरका के लिए लगभग 24 लाख रुपये की लागत से निर्मित नए स्कूल भवन को सौंपने से पहले ही दीवारों पर दरारें दिखाई देने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है जबकि भाजपा जिला अध्यक्ष अजय साहू ने निर्माण की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा निर्मित स्कूल भवन अभी विभाग की ओर से औपचारिक रूप से हस्तांतरित भी नहीं किया गया है, लेकिन भवन की दीवारों में कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भवन में छोटे बच्चों को अध्ययन करना है, उसमें प्रारंभिक अवस्था में ही ऐसी स्थिति सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
भाजपा जिला अध्यक्ष अजय साहू ने संबंधित अधिकारियों से भवन की गुणवत्ता की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि तकनीकी परीक्षण में निर्माण कार्य संतोषजनक पाए जाने के बाद ही भवन का हैंडओवर किया जाए। उन्होंने गुणवत्ता में कमी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन सौंपने से पहले ही दीवारों में दरारें सामने आने से विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र तकनीकी टीम से भवन की जांच कराने तथा सरकारी धन के गुणवत्तापूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।
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