वाराणसी , मई 16 -- महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने शनिवार को कहा कि बेटियों का डिजिटली सशक्त होना वर्तमान समय की आवश्यकता है और यही विकसित भारत का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में तकनीक का सुरक्षित और जागरूक उपयोग बेहद जरूरी है।

महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान एवं महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत शनिवार को आयोजित "डिजिटल साक्षरता तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता" कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रो. त्यागी ने कहा कि भारत आज डिजिटल क्रांति के दौर से गुजर रहा है। यूपीआई से खरीदारी से लेकर ऑनलाइन शिक्षा तक तकनीक ने जीवन को सरल बनाया है, लेकिन यह सुविधा तभी वास्तविक सशक्तिकरण बनती है जब लोग डिजिटली साक्षर हों।

उन्होंने कहा कि आभासी दुनिया में ऐसा सुरक्षित और जागरूक वातावरण तैयार करना होगा जो विकसित भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे। साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए कुलपति ने कहा कि फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन फ्रॉड और डेटा चोरी जैसी घटनाएं विशेष रूप से बेटियों के लिए नई चुनौती बनकर सामने आई हैं। उन्होंने छात्राओं से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि पासवर्ड किसी से साझा न करें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सार्वजनिक करने से बचें।

प्रो. त्यागी ने कहा कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर सूचना देकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

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