अमृतसर , मार्च 06 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा बेअदबी विधेयक में किये गये संशोधनों के बाद निकाली जा रही 'शुकराना यात्रा' पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बेअदबी मामलों में न्याय सुनिश्चित किये बिना यह यात्रा केवल राजनीतिक दिखावा है।
उन्होंने कहा कि जहां दोषियों को सजा दिलाने की बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा हो, वहां ऐसी यात्रा का कोई नैतिक आधार नहीं बनता।
प्रो ख्याला ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा द्वारा बेअदबी संबंधी सख्त कानून लाना स्वागतयोग्य कदम है, हालांकि इसमें कई कमियां हैं, लेकिन सरकार को यह भी बताना चाहिए कि बरगाड़ी बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड मामलों में चार साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न्याय क्यों नहीं मिला।
प्रो ख्याला ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 597 बेअदबी मामलों में अब तक केवल 44 मामलों में ही दोषियों को सजा हुई है, जबकि 99 मामलों में आरोपी बरी हो गये। उन्होंने पूछा कि इन मामलों में आगे अपील क्यों नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल 131 मामले अदालतों में लंबित हैं, तो फिर 422 मामले कैसे खत्म हो गये। सिख समुदाय और पंजाब को राजनीतिक ड्रामेबाजी नहीं, बल्कि इंसाफ चाहिए। जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती और मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा नहीं होता, तब तक किसी भी 'शुकराना यात्रा' का कोई अर्थ नहीं है।
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