नयी दिल्ली , जून 04 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन की प्रतिष्ठित लिवरपूल विश्वविद्यालय को बेंगलुरु में अपना परिसर स्थापित करने के लिए स्वीकृति पत्र सौंपा गया है।

श्री प्रधान ने एक्स पर आज कहा कि लिवरपूल विश्वविद्यालय को बेंगलुरु में अपना परिसर स्थापित करने के लिए स्वीकृति पत्र सौंपा गया है। इस अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर और ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर भी उपस्थित रहीं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी 2020) के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भारत को शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रयासों को नयी गति मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में विश्वस्तरीय विदेशी विश्वविद्यालयों की मौजूदगी से देश के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी भी और मजबूत होगी।

उन्होंने लिवरपूल विश्वविद्यालय को इस ऐतिहासिक पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि वह भारत में विश्वविद्यालय के पहले छात्र समूह का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारतीय छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित