बेंगलुरु , अक्टूबर 16 -- कर्नाटक में बेंगलुरु पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को यहां पर टाउन हॉल से मैसूरु बैंक सर्किल के पास स्थित भारत छोड़ो स्मारक तक तिरंगा मार्च निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

पुलिस ने सार्वजनिक प्रदर्शनों पर लागू प्रतिबंधों और कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस निर्देश का हवाला दिया, जिसके तहत विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थानों पर ही आयोजन किया जा सकता है।

इस फैसले के बाद बेंगलुरु में सार्वजनिक प्रदर्शनों पर लागू प्रतिबंधों को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गयी है। आयोजकों का कहना है कि उनका प्रस्तावित मार्च देशभक्ति की भावना की शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति था, न कि सामान्य विरोध प्रदर्शन।

शुक्रवार शाम चार बजे प्रस्तावित इस मार्च में 200 से 300 लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी। सीजेपी ने अपने 'लहरा दो तिरंगा' अभियान के तहत जाग्रत कर्नाटक और 'मेरा मत, मेरा' के सहयोग से इसका आयोजन करने की योजना बनायी थी।

पुलिस ने अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा कि टाउन हॉल प्रदर्शनों के लिए अधिकृत स्थान नहीं है और शहर के व्यस्त केंद्र में लोगों के जुटने से यातायात बाधित हो सकता है। मौजूदा प्रतिबंधों के तहत विरोध प्रदर्शनों के लिए फ्रीडम पार्क निर्धारित स्थान है।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि आयोजकों ने सरकार को पहले से इसकी जानकारी नहीं दी थी और टाउन हॉल इस तरह के आयोजन के लिए अधिकृत स्थान नहीं है।

सीजेपी के कर्नाटक समन्वयक राहुल जाग्रत ने हालांकि कहा कि मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकालने का इरादा था। उन्होंने कहा कि आयोजकों ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी थी और अनुमति के संबंध में आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहे थे।

अनुमति देने से इनकार किये जाने के बाद इस बात पर व्यापक बहस शुरू हो गयी है कि प्रदर्शनों को किसी निर्धारित स्थान तक सीमित रखने से नागरिकों के शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार को पर्याप्त अवसर मिल पाता है या नहीं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक समूहों ने इन प्रतिबंधों पर सवाल उठाये हैं। उनका तर्क है कि सार्वजनिक प्रदर्शनों का महत्व अक्सर इस बात से भी जुड़ा होता है कि उनका आयोजन किस स्थान पर किया जा रहा है।

वहीं, अधिकारियों ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाये रखने और यातायात बाधित होने से रोकने के लिए घनी आबादी वाले महानगर में रैलियों को नियंत्रित करने की जरूरत का बचाव किया है।

सीजेपी के अभियान के तहत कई शहरों में तिरंगा मार्च निकालने की योजना है। बेंगलुरु में कार्यक्रम पर लगाये गये प्रतिबंधों और अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के आयोजनों पर रोक लगाये जाने की रिपोर्टों के बीच निर्धारित प्रदर्शन स्थलों से बाहर सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश कर रहे संगठनों के सामने आने वाली चुनौतियों पर फिर ध्यान गया है।

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