बेंगलुरु , जून 6 -- कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के वायु सेना स्टेशन जलाहल्ली में पुरुष और महिला दोनों प्रशिक्षुओं से युक्त अग्निवीरवायु प्रशिक्षण के सातवें बैच की पासिंग आउट परेड (पीओपी) शनिवार को पूरे औपचारिक वैभव और भव्यता के साथ आयोजित की गई।

कुल 3,146 अग्निवीरवायु प्रशिक्षुओं ने 22 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अब ये सभी अनुशासित और कुशल वायु योद्धाओं के रूप में भारतीय वायु सेना में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

मुख्यालय प्रशिक्षण कमान के कमांड तकनीकी प्रशिक्षण अधिकारी (सीटीटीओ) एयर वाइस मार्शल अतुल लक्ष्मणदास गोलानी ने समीक्षा अधिकारी के रूप में इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने परेड के दौरान प्रशिक्षुओं द्वारा प्रदर्शित किए गए सटीक तालमेल, अनुशासन और समर्पण की जमकर सराहना की।

पासिंग आउट बैच को बधाई देते हुए, एयर वाइस मार्शल गोलानी ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को ट्रॉफियां प्रदान कर सम्मानित किया। इसमें कम्युनिकेशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के अग्निवीरवायु नागराज धुलप्पा चिंचने, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के अग्निवीरवायु प्रियंशु गुप्ता और इलेक्ट्रिकल एंड इंस्ट्रूमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के अग्निवीरवायु शैलेंद्र कुशवाहा को "सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंडर" घोषित किया गया। नवनियुक्त अग्निवीरवायु सैनिकों को संबोधित करते हुए समीक्षा अधिकारी ने बदलती परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और निरंतर सीखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने युवा वायु योद्धाओं को नई चुनौतियों को स्वीकार करने, हमेशा मिशन के लिए तैयार रहने और बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के अनुरूप खुद को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

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