रांची , सितंबर 24 -- मुठभेड़ में मारे 30 लाख के इनामी नक्सली बृजेश गंझू की मौत के विरोध में टीएसपीसी ने आज से झारखंड के सात जिलों में तीन दिवसीय बंद बुलाया है।

बंद 24 से 26 सितंबर तक चतरा, हजारीबाग, पलामू, लातेहार, गढ़वा, लोहरदगा और गुमला में बुलाया गया है। संगठन ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

बंद का असर गुरुवार को चतरा जिले में देखने को मिला। लावालौंग, कुंदा, प्रतापपुर और सिमरिया में इसका अधिक प्रभाव रहा। लंबी दूरी की बसों और अन्य वाहनों का परिचालन प्रभावित रहा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कुंदा चौक पर कई बसें खड़ी रहीं। बाजार में सन्नाटा दिखा, हालांकि स्थानीय स्तर पर कई दुकानें खुली रहीं।

बंद को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ाई गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

ज्ञातव्य है कि टीएसपीसी के प्रमुख कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता की 20 सितंबर को उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में यूपी एटीएस के साथ मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के मुताबिक, वह एक साथी के साथ बाइक से मुगलसराय की ओर जा रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद गोलीबारी हुई। जवाबी कार्रवाई में बृजेश गंझू मारा गया। घटनास्थल से हथियार और कारतूस बरामद किए गए।

बृजेश गंझू पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस तरह उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। वह हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर मामलों में वांछित था तथा उसके खिलाफ करीब 50 मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

वहीं, टीएसपीसी ने अपनी ओर से जारी बयान में आरोप लगाया है कि बृजेश गंझू को पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया था और बाद में वाराणसी में फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने की कहानी बनाई गई। संगठन ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। ये आरोप संगठन के अपने दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बंद के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।

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