बुलंदशहर , अप्रैल 01 -- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की विशेष एससी/एसटी अदालत ने हत्या के एक मामले में पति-पत्नी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

लोक अभियोजक विपिन कुमार राघव ने बुधवार को बताया कि जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम धामनी निवासी संजय और उसकी पत्नी काजल उर्फ पूनम ने वर्ष 2020 में पूर्व विवाद के चलते ग्राम सिद्धनगला निवासी जगी उर्फ जगवीर के घर में घुसकर उसकी पुत्री गुलशन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी।

इस मामले में 17 नवंबर 2020 को थाना जहांगीराबाद में मुकदमा संख्या 553/2020 धारा 147, 452, 302, 149, 506 भादवि तथा 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके अतिरिक्त न्यायालय के आदेश की अवहेलना के संबंध में मुकदमा संख्या 13/2021 धारा 174ए भादवि के तहत भी पंजीकृत किया गया था।

पुलिस ने 15 जनवरी 2021 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले को "ऑपरेशन कन्विक्शन" के अंतर्गत चिन्हित कर मॉनीटरिंग सेल बुलंदशहर द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिसमें अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह प्रस्तुत किए। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) धीरेन्द्र कुमार-03 की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

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