वाराणसी , मई 1 -- विश्व में जारी युद्ध और व्याप्त अशांति के बीच, धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सारनाथ में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शांति का पैगाम लिए भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष के दर्शन-पूजन कर रहे हैं।

भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ 'मूलगंध कुटी विहार' परिसर और मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। यहां फहरते पंचशील के झंडे विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वैशाख पूर्णिमा का दिन भगवान बुद्ध के जीवन के तीन महत्वपूर्ण पड़ावों से जुड़ा है। आज ही के दिन उनका जन्म हुआ था, आज ही उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी तिथि को उनका महापरिनिर्वाण हुआ था।

बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष के दर्शन करने के साथ ही सारनाथ के अन्य मंदिरों में भी पूजन कर रहे हैं। मूलगंध कुटी विहार में बुद्ध पूर्णिमा के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। दोपहर बाद यहां धम्म सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसके अतिरिक्त, कचहरी से सारनाथ तक 'धम्म यात्रा' भी निकाली जाएगी। सायंकाल मूलगंध कुटी मंदिर को हजारों दीपकों से आलोकित किया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित