हरदा , सितम्बर 21 -- मध्यप्रदेश के हरदा जिले की खिरकिया तहसील में उपजिलाधिकारी न्यायालय (एसडीएम) रजनी वर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और भरण-पोषण को लेकर पांचों पुत्रों को अपनी वृद्ध मां के भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह एक तय राशि देने का एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार 85 वर्षीय बजुर्ग महिला गीताबाई बेवा नर्मदाप्रसाद सोनी, निवासी सिराली की याचिका पर सुनवाई करते हुए एसडीएम सुश्री वर्मा ने उनके पांचों पुत्रों को अपनी मां के भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह तय राशि देने का आदेश दिया है।
आवेदिका गीताबाई ने एसडीएम कोर्ट में आवेदन देकर बताया था कि वे अत्यधिक वृद्धावस्था के कारण चलने-फिरने, देखने और सुनने में असमर्थ हैं। ग्राम पीपल्या स्थित खसरा नंबर 66/2 (रकबा 3.861 हेक्टेयर) की संयुक्त भूमि में उनका 1/8 हिस्सा दर्ज है। उनके बेटों द्वारा इस जमीन को लीज पर दिया जाता है और उससे प्राप्त पूरी आय का वे स्वयं उपभोग करते हैं। वृद्ध मां का आरोप था कि जमीन की आय में से उन्हें कोई हिस्सा या आर्थिक मदद नहीं दी जाती, न ही उनका कोई ध्यान रखा जाता है। इतना ही नहीं, जमीन पर बैंक का केसीसी ऋण बकाया है, जिसे भी उनके पुत्र चुकता नहीं कर रहे हैं।
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