अलवर , जुलाई 10 -- राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में खदाना मोहल्ला में बुजुर्ग दिनेशचंद्र अग्रवाल की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने शुक्रवार को बताया कि यह वारदात पूरी तरह सुनियोजित थी। आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि श्री अग्रवाल बुजुर्ग हैं और अकेले रहते हैं। वह पुराने नोट एवं सिक्कों का काम करते हैं। इसी जानकारी के आधार पर पांच आरोपियों ने देर रात घर में घुसकर लूटपाट की योजना बनायी।

पुलिस के अनुसार गुरुवार रात आरोपी घर के पीछे से अंदर घुसे, उस समय दिनेशचंद्र अग्रवाल सो रहे थे। आरोपियों का इरादा केवल लूटपाट का था, लेकिन चोरी के दौरान बुजुर्ग की नींद खुल गयी। इसके बाद आरोपियों ने उनके हाथ-पैर बांध दिये और मुंह दबा दिया, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गयी।

मृतक के पुत्र विकास कुमार अग्रवाल ने पुलिस काे बताया कि उनके पिता पुराने मकान में अकेले रहते थे और रोजाना खाना खाने उनके घर आते थे। गुरुवार रात जब वह खाना खाने नहीं पहुंचे तो उन्होंने फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद वह पुराने मकान पहुंचे, जहां दरवाजा अंदर से बंद मिला। दूसरी चाबी से दरवाजा खोलने पर उन्होंने अपने पिता को हाथ-पैर और मुंह कपड़े से बंधा हुआ पाया। कपड़े हटाने पर पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस दलों ने बिना रुके लगातार 12 घंटे तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों की पहचान करके उन्हें हिरासत में ले लिया। उनकी पहचान करण (20) और तेजू उर्फ तेजपाल (20) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी बड़ी मात्रा में सिक्के और कुछ नकदी लेकर फरार हुए थे। प्रत्येक आरोपी के पास से करीब चार से पांच हजार रुपये की राशि आने की जानकारी मिली है। इसके अलावा आरोपियों ने करीब दो हजार रुपये के सिक्के बाजार में चलाये हैं। श्री चौधरी ने बताया कि कुछ आरोपी उसी मोहल्ले के रहने वाले हैं और मृतक को 'अंकल' कहकर संबोधित करते थे। वे पहले से उन्हें जानते थे। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। नाबालिग आरोपियों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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