नयी दिल्ली , मई 13 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी मासिक पेंशन में वर्षों से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है जबकि महंगाई के कारण गरीब और वंचित वर्ग गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
श्री खरगे ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि सरकार एक ओर देश को मितव्ययिता और त्याग का पाठ पढ़ाती है, वहीं दूसरी ओर बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की गरिमा छीन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन में 'एक पैसे' तक की वृद्धि नहीं की, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती रही है।
उन्होंने कहा कि देश नागरिकों की क्रय शक्ति में लगभग 45 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद 200 रुपये की पेंशन का वास्तविक मूल्य करीब 110 रुपये, 300 रुपये की पेंशन का मूल्य 165 रुपये और 500 रुपये की पेंशन का मूल्य लगभग 275 रुपये के बराबर रह गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता के कल्याण पर खर्च बढ़ाने के बजाय विज्ञापनों और अपने प्रचार पर भारी खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि 2014-15 से 2024-25 के बीच सरकार ने विज्ञापनों के माध्यम से सपने प्रचार पर 5,987.46 करोड़ रुपये खर्च किए।
श्री खरगे ने कहा कि करोड़ों बुजुर्ग नागरिक बुनियादी दवाइयों और भोजन तक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि सरकार खुद के प्रचार, बड़े आयोजनों और चुनावी अभियानों पर फिजूलखर्ची कर रही है।
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