ढाका , मार्च 18 -- बंगलादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक, बंगलादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के भविष्य पर अंतिम फ़ैसला लेने से पहले आईसीसी से सलाह करेंगे। साथ ही वह एक दूसरी समिति बनाने की योजना भी बना रहे हैं, जो यह जांच करेगी कि इस साल भारत और श्रीलंका में हुए पुरुषों के टी20 विश्व कप में बंगलादेश क्यों हिस्सा नहीं ले पाया।

11 मार्च को खेल मंत्रालय ने पिछले साल हुए बीसीबी चुनावों में कथित अनियमितताओं, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति बनाई थी। बीसीबी ने सोमवार को इसका जवाब देते हुए कहा कि इस समिति का गठन, बंगलादेश सरकार की ओर से बोर्ड के मामलों में दखल के बराबर है।

बंगलादेश के पूर्व फ़ुटबॉल कप्तान हक ने मंगलवार को कहा कि पांच सदस्यीय समिति जब अपनी रिपोर्ट 15 कार्य दिवसों के भीतर सौंप देगी, तब वह इस मामले पर आईसीसी से चर्चा करेंगे।

उन्होंने कहा, "हम सब जानते हैं कि पिछले साल बीसीबी चुनावों में हमारी पिछली सरकार का सीधा हस्तक्षेप था। मैंने कई बार इस बारे में बात की है। ढाका के क्लबों और जिलों से मिले आरोपों के बाद हमने जांच समिति बनाई है। मैं उनकी रिपोर्ट पढ़ूंगा, लेकिन अगला क़दम आईसीसी से बात करने के बाद ही उठाऊंगा।"चुनाव के समय तमीम इकबाल और ढाका के कई क्लब अधिकारियों ने चुनाव में हेरफेर के आरोप लगाए थे। चुनाव से पहले ही बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर भी हस्तक्षेप के आरोप लगे थे। चुनाव से कुछ सप्ताह पहले भेजे गए एक हस्ताक्षरित पत्र में अमीनुल ने खेल मंत्रालय से कुछ ज़िलों के काउंसिलरों को बदलने का अनुरोध किया था। तमीम ने यह भी आरोप लगाया था कि बीसीबी ने नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख दो बार बढ़ाई थी।

तमीम ने 1 अक्तूबर को अपना नाम वापस ले लिया, जबकि अमीनुल ने 5 अक्तूबर को इन आरोपों से इनकार किया, जो कि मतदान से एक दिन पहले था।

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