श्रीनगर , अप्रैल 17 -- कश्मीर के राजनीतिक नेताओं ने केंद्र सरकार से अपील कर जेल में बंद सांसद इंजीनियर रशीद को गंभीर रूप से बीमार उनके पिता से मिलने देने के लिए मानवीय आधार पर रिहा करने का आग्रह किया है।

'अपनी पार्टी' अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इंजीनियर रशीद की रिहाई पर विचार करने की अपील की। 'अपनी पार्टी' अध्यक्ष ने यह अपील श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में श्री इंजीनियर रशीद के बीमार पिता खाजिर मोहम्मद शेख से मुलाकात करने के बाद की।

श्री बुखारी ने 'एक्स' पर कहा, "मैंने श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में इंजीनियर रशीद साहब के बीमार पिता खाजिर मोहम्मद शेख साहब से मुलाकात की। वह अपनी गंभीर बीमारी से जंग लड़ रहे हैं और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। उनकी हालत अत्यंत चिंताजनक है और उनका परिवार बहुत ही मुश्किल और तकलीफदेह दौर से गुजर रहा है। इस मुश्किल घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं और अल्लाह से दुआ करते हैं कि वह श्री खाजिर साहब को इस गंभीर स्थिति से पार पाने की हिम्मत दें।"प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से श्री इंजीनियर रशीद को पैरोल देने की अपील करते हुए बुखारी ने लिखा, "मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माननीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध करता हूं कि वे सांसद इंजीनियर रशीद को पैरोल देने पर विचार करें, ताकि वह अपने बीमार पिता और परेशान परिजनों के पास रह सकें। संकट के इस समय में उन्हें अपने परिवार के साथ रहने की इजाजत देना एक मानवीय और गरिमापूर्ण फैसला होगा, जिसकी जम्मू-कश्मीर में हर कोई सराहना करेगा।"गुरुवार को कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक और श्री बिलाल गनी लोन ने रशीद के बीमार पिता के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए एसएमएचएस अस्पताल का दौरा किया। मुलाकात के बाद मीरवाइज ने केंद्र सरकार से मानवीय आधार पर बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद को उनके बीमार पिता से मिलने के लिए रिहा करने का आग्रह किया।

मीरवाइज ने कहा, ". सांसद इंजीनियर रशीद के एसएमएचएस में गंभीर रूप से बीमार पिता से मुलाकात की, जो तिहाड़ जेल में बंद अपने बेटे से मिलने के लिए तड़प रहे हैं और यह उनकी आखिरी मुलाकात भी हो सकती है। भारत और जम्मू-कश्मीर की विभिन्न जेलों में बंद राजनीतिक कैदियों और उनके परिवारों का यह खामोश दर्द दिल दहला देने वाला है। मैं भारत सरकार से गुजारिश करता हूं कि कम से कम मानवीय आधार पर इंजीनियर रशीद को उनके बीमार पिता से मिलने के लिए रिहा किया जाए।"सांसद इंजीनियर रशीद को पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से चार दिन पहले गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत टेरर-फंडिंग मामले में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। तब से वह तिहाड़ जेल में बंद हैं। दिल्ली की एक अदालत के कस्टडी पैरोल दिये जाने के बाद उन्होंने इस साल जनवरी में संसद के बजट सत्र में हिस्सा लिया था।

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