मुंबई o, अगस्त 5 -- बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू ) ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (एईडीओ) परीक्षा घोटाले में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मुंबई में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में काम करने वाले तकनीकी सहायक रोशन कुमार को गिरफ्तार किया है।

नालंदा जिले के कंकड़िया गांव के रहने वाले रोशन को ईओयू की विशेष टीम ने गुप्त अभियान चलाकर मुंबई के ट्रॉम्बे में बीएआरसी परिसर से पकड़ा। उस पर अप्रैल 2026 में हुई विवादित भर्ती परीक्षा के दौरान उत्तर कुंजी लीक करने और उसे बांटने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है, जिसके कारण पूरी परीक्षा रद्द कर दी गई थी। एईडीओ पेपर लीक की जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) की अगुवाई में ईओयू की तीन सदस्यीय टीम तीन अगस्त को पटना से मुंबई पहुंची।

स्थानीय पुलिस की मदद से ट्रॉम्बे में छापा मारा और रोशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। रोशन 2025 में तकनीकी सहायक के तौर पर बीएआरसी में शामिल हुआ था। जांचकर्ताओं ने बताया कि परीक्षा के दिन (17 अप्रैल, 2026) रोशन नालंदा के सोहसराय परीक्षा केंद्र पर मौजूद था। शक से बचने के लिए उसने चालाकी से खुद को केंद्र के जैमर सिस्टम का ठेका लेने वाली कंपनी का कर्मचारी बताया। इस दौरान उसने कंपनी की ब्रांड की टी-शर्ट भी पहनी हुई थी।

ईओयू सूत्रों के अनुसार, परीक्षा से पहले ही रोशन के पास परीक्षा की उत्तर कुंजी थी। उसने श्वेता कुमारी नाम की एक उम्मीदवार के पति कुणाल को ये उत्तर सौंपे। इसके बाद कुणाल ने आंसर-की बायोमेट्रिक एजेंसी के कर्मचारियों चंदन कुमार और राहुल कुमार को दी, ताकि वे इसे सीधे पीएल साहू उच्च विद्यालय के कमरा संख्या 25 में मौजूद श्वेता तक पहुँचा सकें। इन तीनों को निरीक्षक ने रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसके बाद तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। बिहार में 935 पदों के लिए पहली बार आयोजित एईडीओ भर्ती परीक्षा को ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली और लगभग 11 लाख उम्मीदवारों ने इसके लिए आवेदन किया।

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