श्रीगंगानगर , जून 12 -- राजस्थान में राजस्थान राज्य बीज निगम से जुड़े सीज किए नकली मूंगफली बीज को बिना कोई कार्रवाई किए छोड़ने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पांच दिन की गहन पूछताछ पूरी होने के बाद शुक्रवार को एसीबी ने छह प्रमुख आरोपियों को शुक्रवार को बीकानेर में ब्यूरो की विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने आगे की जांच के लिए इनकी हिरासत अवधि दो दिन बढ़ा दी है। यह घोटाला अब सिर्फ रिश्वतखोरी तक सीमित नहीं दिख रहा बल्कि नकली और घटिया बीजों को राजस्थान में खपाने की बड़ी साजिश और उससे जुड़े भारी आर्थिक लेन-देन को भी उजागर कर रहा है।

एसीबी की कार्रवाई में अब तक करीब दो करोड़ 45 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। सबसे बड़ा हिस्सा निगम के नामित निदेशक जुगलकिशोर बिश्नोई के भांजे स्वतंत्र ज्याणी के पास से 85 लाख रुपये मिले हैं। अन्य ठिकानों से भी लाखों की रकम बरामद हुई है। साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और लेन-देन के कागजात भी एजेंसी के कब्जे में हैं।

सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने नकली या घटिया मूंगफली बीजों (करीब 15 करोड़ रुपये) पर लगे प्रतिबंध हटवाने, जांच रिपोर्ट आने से पहले डिलीवरी सुनिश्चित करने और कार्रवाई से बचाने के एवज में रिश्वत ली थी। यह पूरा खेल सीधे किसानों को प्रभावित करने वाला था क्योंकि घटिया बीज खेतों में बोए जाने पर फसल बर्बाद हो सकती थी।

इस मामले में राजस्थान राज्य बीज निगम के नामित निदेशक जुगलकिशोर बिश्नोई सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें स्वतंत्र ज्याणी, किरण भाई कपाड़िया, गणपत, सतपालसिंह जज और सुनीलकुमार सेतिया शामिल हैं। पहले पांच दिन की हिरासत में एसीबी ने इनसे रिश्वत नेटवर्क, नकली बीज आपूर्ति चेन और संभावित उच्च स्तर के संदिग्धों के बारे में विस्तार से पूछताछ की। अब दो दिन की अतिरिक्त हिरासत में बड़े खुलासों की उम्मीद है। नए नाम सामने आ सकते हैं और आगे गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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