भुवनेश्वर , मार्च 31 -- दिग्गज नेता बीजू पटनायक के खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर मंगलवार को ओडिशा विधानसभा में भारी हंगामा हुआ।
विपक्ष ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है और विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी से सांसद के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने और उसे पारित करने की मांग की।
सदन की कार्यवाही जैसे ही प्रश्नकाल के लिए शुरू हुई तो इस मामले को लेकर व्यवधान भी शुरू हो गया। बीजद, कांग्रेस और माकपा के सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में आ गये और हंगामा करने लगे।
हंगामे के बावजूद अध्यक्ष ने सुबह 10:52 बजे तक कार्यवाही संचालित की, लेकिन बार-बार की अपील के बाद भी व्यवस्था न बनते देख सदन को 11:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। विवाद की जड़ श्री दुबे की 27 मार्च को की गई वह टिप्पणी है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1962 का युद्ध अमेरिका के समर्थन और सीआईए एजेंटों के समन्वय से लड़ा था। उन्होंने आगे दावा किया कि श्री बीजू पटनायक ने इस संघर्ष के दौरान अमेरिकी सरकार, सीआईए और श्री नेहरू के बीच कड़ी के रूप में काम किया था।
जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो बीजद के उपनेता प्रसन्न आचार्य ने श्री बीजू पटनायक का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने श्री पटनायक को स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रीय व्यक्तित्व और ओडिया गौरव का प्रतीक बताया।
उन्होंने श्री दुबे की टिप्पणी को प्रेरित, असभ्य और निंदनीय करार देते हुए कहा कि इससे ओडिशा के लोगों के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। उन्होंने अध्यक्ष से इस संबंध में निंदा प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया।
कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम और वरिष्ठ नेता तारा प्रसाद बहिनीपति ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किये। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्री बीजू पटनायक दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ओडिया अस्मिता का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके खिलाफ ऐसी टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है।
श्री बहिनीपति ने चेतावनी दी कि जब तक चर्चा की अनुमति नहीं दी जाती, विपक्ष सदन की कार्यवाही नहीं चलने देगा। बीजद नेता रणेंद्र प्रताप स्वैन ने श्री दुबे की आलोचना करते हुए उन पर राजनीतिक शालीनता और अंतरराष्ट्रीय मामलों की समझ की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से भी इस बयान की निंदा करने का आह्वान किया। बीजद की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक और माकपा नेता लक्ष्मण मुंडा ने भी औपचारिक चर्चा और निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग की।
इस बीच भाजपा सदस्य सरोज पाढ़ी ने कहा कि उनकी पार्टी श्री बीजू पटनायक का सम्मान करती है, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि बीजद ने अपने पार्टी कार्यालय का नाम उनके नाम पर क्यों नहीं रखा या चुनावों के दौरान उनकी तस्वीरों का प्रमुखता से उपयोग क्यों नहीं किया। इन मांगों पर जवाब देते हुए अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सदन को सूचित किया कि निंदा प्रस्ताव का नोटिस 'कार्य मंत्रणा समिति' को भेज दिया गया है, जो जल्द ही इस मामले पर निर्णय लेगी।
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने सोमवार को भाजपा सांसद श्री दुबे के बीजू पटनायक के खिलाफ की गयी अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी आलोचना की।श्री दुबे की टिप्पणी को गहरा धक्का बताते हुए श्री पटनायक ने कहा कि इस तरह के बयान स्वीकार्य नहीं हैं।
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