पौड़ी , जून 01 -- उत्तराखंड के पौड़ी गढवाल जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से भगवंत ग्लोबल विश्वविद्यालय (बीजीयू), कोटद्वार में सोमवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ ही हेलमेट एवं एवं प्राथमिक उपचार सामग्री किट वितरित की गईं।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित आरटीओ विमल पाण्डेय ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरस्पीडिंग के दुष्परिणाम तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। युवाओं को इसके प्रति जागरूक होकर समाज में सकारात्मक संदेश देना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान "गोल्डन ऑवर" विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के महत्व को समझाया गया। विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार देने, आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने तथा घायल व्यक्तियों की सहायता करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट ने कहा कि यातायात नियमों का पालन कर न केवल स्वयं को सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि दूसरों के जीवन की भी रक्षा की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में चयनित छात्र-छात्राओं को हेलमेट और एवं प्राथमिक उपचार सामग्री किट प्रदान की गईं। वक्ताओं ने हेलमेट को सड़क दुर्घटनाओं में सिर की गंभीर चोटों से बचाव का सबसे प्रभावी साधन बताते हुए इसके नियमित उपयोग पर जोर दिया।
कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों ने यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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