बीजापुर , मार्च 14 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में करीब 80 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नल-जल योजना के अधूरे पड़े रहने से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। भोपालपटनम विकासखंड की ग्राम पंचायत कोत्तापल्ली के अंतर्गत आने वाले ग्राम लोदेड़ में यह योजना पिछले दो वर्षों से ठप पड़ी है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों निवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

योजना के तहत गांव में चार संरचनाओं और आठ पानी की टंकियों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है लेकिन इन्हें जल स्रोतों से नहीं जोड़ा जा सका है। निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण पिछले दो वर्षों से ग्रामीणों को इन टंकियों से एक बूंद भी पानी नहीं मिल पाया है। इस योजना के माध्यम से गांव के 124 परिवारों और लगभग 600-700 लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि टंकियां तो खड़ी कर दी गईं लेकिन उन्हें पानी से जोड़ने का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। गर्मी का मौसम नजदीक आने से गांव में पानी की समस्या को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द योजना को पूरा कर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

इस मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता एस. आर. नेताम ने बताया कि चार में से दो संरचनाओं को ट्यूबवेल से जोड़ दिया गया है, जबकि बाकी दो को जोड़ने में तकनीकी दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि समस्या का जल्द समाधान कर योजना को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।

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