बीजापुर , अगस्त 11 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तर्रेम थाना पुलिस ने पुनर्वासित माओवादियों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए सहयोग की अपील की।
पुलिस के अनुसार बैठक में समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित माओवादियों को शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें शासन की पुनर्वास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने और परिवार के साथ सामान्य जीवन आगे बढ़ाने की समझाइश दी गई।
पुलिस ने बताया कि पुनर्वासित माओवादियों की थाना स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। उनके पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापन की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग दिया जा रहा है।
बैठक में ग्रामीणों से गांव और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय असामाजिक तत्वों, संदिग्ध व्यक्तियों अथवा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई। ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं और आवश्यकताओं को सुना गया तथा उनके निराकरण के लिए सहयोग और मार्गदर्शन का आश्वासन दिया गया। युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के अवसरों से जुड़ने तथा बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आत्मसमर्पित एवं पुनर्वासित माओवादियों से 15 अगस्त को समाज के साथ हर्षोल्लास और राष्ट्रप्रेम की भावना के साथ मनाने की अपील की। पुलिस ने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और समाज की मुख्यधारा से जुड़ना सुरक्षित और बेहतर भविष्य की दिशा है।
पुलिस के मुताबिक बैठक का उद्देश्य पुनर्वासित माओवादियों और ग्रामीणों के बीच विश्वास, संवाद एवं सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा विकास के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना रहा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित