बीजापुर , अप्रैल 14 -- छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, शंकर नगर रायपुर के निर्देशन तथा डाइट प्राचार्य वेंकट रमन के मार्गदर्शन में जिले में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) अंतर्गत नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित जिला स्तरीय बीआरजीएस प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह प्रशिक्षण ब्लेंडेड मोड में आयोजित किया गया, जिसमें 06 से 08 अप्रैल तक ऑनलाइन तथा 09 से 13 अप्रैल तक ऑफलाइन सत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बीजापुर में आयोजित किए गए।
जिला पीआरओ से मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण में जिले के चारों विकासखंडों से चयनित 48 बीआरजीएस ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्री-टेस्ट, पूजा-अर्चना और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। एससीईआरटी द्वारा प्रशिक्षित डीआरजी के माध्यम से निर्धारित समय-सारणी के अनुसार दिवसवार विभिन्न विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम और द्वितीय दिवस हिंदी विषय, आकलन ट्रैकर, खेल योग शिक्षा एवं ''हमारा अद्भुत संसार'' पर चर्चा हुई। तृतीय दिवस गणित, चुनौती एवं चुनौती आधारित आकलन, चतुर्थ दिवस अंग्रेजी, बहुकक्षा शिक्षण और एमजीटी, जबकि पंचम दिवस कला शिक्षा, परख, नैतिक मूल्य एवं संस्कार जैसे विषयों पर विस्तृत परिचर्चा और प्रस्तुतीकरण किए गए।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस प्राचार्य वेंकट रमन ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए एफएलएन के महत्व, नवीन पाठ्यपुस्तकों की उपयोगिता तथा विद्यालय स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को कक्षाओं में बेहतर ढंग से लागू करने का आग्रह किया।
प्रशिक्षण में डीआरजी के रूप में राजकुमार मोडियम, पवन सिन्हा, चिम्मनलाल चंदेल, सुनील साहू, दुर्गेश साहू, दीपिका शिवारे और सीमा साहू ने विषयगत अवधारणाओं को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। प्रशिक्षण के दौरान प्री-टेस्ट एवं पोस्ट-टेस्ट का आयोजन भी किया गया।
अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और सामूहिक फोटो सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित